राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय के फिल्म संग्रह के खजाने में डी.जी.फालके व बाबूराव पेंटर की फिल्मों के बचे हुए अंश, हिमांशु राय व फ्रांज ऑस्टन की मूल फिल्में, 1930 व 1940 के दशकों की प्रमुख फिल्म कंपनियों व स्टूडियो जैसे प्रभात फिल्म कंपनी, न्यू थिएटर्स, बॉम्बे टॉकीज, श्री भारत लक्ष्मी पिक्चर्स, मिनर्वा मूवीटोन, वाडिया मूवीटोन, जेमिनी, विजया वौहिनी व अन्य फिल्मों का संग्रह है । उसी प्रकार संग्रहालय के खजाने में 1940 के अंत में स्टूडियो प्रथा समाप्त होने के बाद महबूब खान, राजकपूर, बिमल रॉय, गुरूदत्त, ए.आर.करदार, एल.वी. प्रसाद व बी.नागी रेड्डी जैसों के द्वारा निर्मित स्वतंत्र बॅनर भी हैं । मुख्य धारा सिनेमा के उदाहरणों के अतिरिक्त नवीन भारतीय सिनेमा के प्रवर्तकों जैसे सत्यजीत रे, मृणाल सेन, ऋत्विक घटक, अडूर गोपालकृष्णन, श्याम बेनेगल, मणि कौल, जी. अरविंदन, कुमार शाहनी, गिरीश कासारवल्ली, मीरा नायर व अन्य के प्रमुख कार्यों के बेहतरीन प्रिंट्स भी संग्रहालय द्वारा जतन की गई हैं । |