कभी-कभी राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय को अपने संग्रहण हेतु प्रमुख फिल्मों के तैयार व उपयोग किए गए प्रिंट्स प्राप्त करने पड़ते हैं । ऐसी फिल्में मूल्यांकन व प्रिंट की स्थिति की जांच कर और उसका परिरक्षण मूल्य व प्रक्षेपण हेतु उसकी उपयुक्तता ज्ञात कर प्राप्त की जाती है । ऐसी प्राप्तियों के लिए साधारणतः नाम मात्र प्रतिपूर्ति दी जाती है ।
संग्रहालय के लिए सभी राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्में व भारतीय पैनोरामा विभाग में दिखाने हेतु योग्य फिल्में प्राप्त करना अनिवार्य है । ऐसी फिल्मों के निर्माता/सर्वाधिकार धारकों को संग्रहालयीन उपयोग हेतु एक प्रिंट सुरक्षित रखने के लिए एक प्राधिकार पत्र जारी करना होता है ।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय स्थाई परिरक्षण हेतु प्रिंट बनाने के लिए राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय को प्राधिकृत करने हेतु विभिन्न निर्माताओं/सर्वाधिकार धारकों से संपर्क भी करता है । ऐसे मामलों में राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय प्रिंट का खर्च उठाता है
संग्रहालय वितरकों, मालिकों आदि को पुरानी फिल्मों, फुटेज देने के लिए राजी करता है और अपने संग्रह को समृद्ध करता है । इस कार्य में फिल्म संगठन, सांस्कृतिक संस्थाएं व राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय के शुभचिंतक भी राष्ट्रीय फिल्म संग्रहालय की सहायता करते हैं ।
रेलवे व हवाई अड्डों से लावारिस संपत्ति के रूप में भी संग्रहालय को फिल्में प्राप्त होती हैं । सीमा-शुल्क विभाग द्वारा जब्त फिल्में भी संग्रहालय के संग्रहण में शामिल होती हैं । |